1. ड्यूल ब्रेक: एक ब्रेक उपकरण जो स्टीयरिंग को लॉक कर सकता है और पहियों के घूमने को स्थिर कर सकता है।
2. साइड ब्रेक: पहिए के शाफ्ट स्लीव या टायर की सतह पर स्थापित एक ब्रेक उपकरण, जिसे पैर से नियंत्रित किया जाता है और जो केवल पहियों के घूमने को रोकता है।
3. दिशा लॉकिंग: एक ऐसा उपकरण जो एंटी-स्प्रिंग बोल्ट का उपयोग करके स्टीयरिंग बेयरिंग या टर्नटेबल को लॉक कर सकता है। यह चल कैस्टर को एक निश्चित स्थिति में लॉक कर देता है, जिससे एक पहिया बहुउद्देशीय पहिया बन जाता है।
4. डस्ट रिंग: यह स्टीयरिंग बियरिंग पर धूल जमने से रोकने के लिए ब्रैकेट टर्नटेबल पर ऊपर और नीचे लगाई जाती है, जिससे पहिए के घूमने की चिकनाई और लचीलापन बना रहता है।
5. धूल आवरण: इसे पहिए या शाफ्ट स्लीव के सिरों पर लगाया जाता है ताकि धूल कैस्टर पहियों पर न जाए, जिससे पहिए का स्नेहन और घूर्णन लचीलापन बना रहता है।
6. एंटी-रैपिंग कवर: इसे पहिए या शाफ्ट स्लीव के सिरों पर और ब्रैकेट फोर्क फीट पर लगाया जाता है ताकि ब्रैकेट और पहियों के बीच के गैप में पतले तार, रस्सियाँ और अन्य तरह की घुमावदार सामग्री को रोका जा सके, जिससे पहियों की लचीलता और स्वतंत्र घूर्णन बना रहे।
7. सपोर्ट फ्रेम: इसे परिवहन उपकरण के निचले हिस्से में स्थापित किया जाता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि उपकरण एक स्थिर स्थिति में बना रहे।
8. अन्य: इसमें स्टीयरिंग आर्म, लीवर, एंटी-लूज़ पैड और विशिष्ट प्रयोजनों के लिए अन्य भाग शामिल हैं।
पोस्ट करने का समय: 7 दिसंबर 2021